कितनी नींद

di advit-WA0002

Today I will make you realize the condition of a mother after her child born.

कितनी नींद भरी है इन आँखों में
जिसका अभास  है सिर्फ मेरी सासो में
क्यूंकि दिन तो झट से एक पहेली की तरह सुलझ जाता है
फिर रात क्यों रिश्ते के धागो में उलझ जाती है
जब उसकी नींद भी मुझे लग जाती है
पर कम्बखत नींद उसे तब कहाँ आती है।

कितनी नींद आती है मुझे रातो में
पर गुज़रती है मेरी रातें तो उसकी कुछ कही अनकही बातों में
क्यूंकि दिन मे तो वो आराम से सो लेता है
इसलिए रातभर वो जी भर कर रो लेता है।

कितनी नींद भरी है मेरी इन बातो में
जागी हूँ ,हर रोज़ मैं  नाजाने कितनी रातो में
क्यूंकि दिखनेमे तो ये बहुत ही  भोला है
पर रोये जब तो लगता आग का गोला है

कितनी नींद भरी है इस माँ के अंदर
पर कैसे समझे ये छोटासा  बंदर
जिसके लिए जीवन तो सिर्फ सोना,उठना और खाने का नाम है
पर कोई तो बताये इस छोटू  को की इसकी माँ को और भी बहुत से काम है।

Prerna Mehrotra
ITM Hostel
19/7/2014

 

 

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3 thoughts on “कितनी नींद

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