औरत

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Source: (https://c1.staticflickr.com/9/8065/8263300391_0155683d7b_z.jpg)

ये कैसी आवाज़ हैं,
जो हल पल मुझसे कहती हैं।
अपनी ना सुन,
तू क्यों हर पल
बस अपनों की ख़ुशी में बहती हैं?
दिन रात मेहनत कर तू क्यों
हर दर्द भी ख़ुशी से सहती हैं?
सुन ज़रा, देख तो, तेरी खुद की
धड़कन भी तुझसे कुछ कहती हैं।
तुझे भी खुद की पहचान के लिए
कुछ अनोखा करना हैं।
खुदको आज़मा कर अपने हित
के लिए तुझे लड़ना हैं।
आगे फिर संभल कर तुझको चलना हैं।
क्यूंकि ये दुनिया तो बस अपना
काम निकलवाती हैं।
मुश्किलों में जो साथ दे
वहीं तेरा सच्चा साथी हैं।

Prerna Mehrotra
13/11/2014

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