माँ क्यों तू कभी थकती नही?

The same chore of doing housework like cleaning, cooking food for the family etc can be revelry for the mother, but the same can be drudgery for other so we can say there is no substitute for a mother.

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माँ तू क्यों कभी थकती नही?
क्यों तू कभी, अपने कर्मो से बचती नही?
तेरी थकान की पीड़ा,क्यों मुझे भी होती है?
ऐसे निस्वार्थ बलिदान की शक्ति,
शायद सिर्फ एक माँ मे ही होती है।
संघर्ष तो हम सब भी करते है,
मगर तेरे निस्वार्थ, रोज़ के, संघर्षो को देख,
हम भी तुझ पर मरते है।
तेरे जैसा प्यारा, बनने की मंगल कामना,
अब तो,हर रोज़ हम करते है.
फिर क्यों इतने काम के बावजूद भी,
हम तुझसे और काम भी लेने की उम्मीद करते है??
क्या बस इसलिए? क्योंकि तूने कभी किसी से कुछ कहां नही।
मानली हमेशा ,अपनो की बात,जैसे होगा बस वही सही।
अपनी दिल में बात तो हमेशा, दिल में ही रखली तूने कही।

 

 

Prerna Mehrotra
20/3/2015

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