लेखक

Feelings of a writer…..

महसूस कर हर परिस्थिति को,
एक लेखक लिख पाता है.
दिल का बुरा नहीं होता.
शायद इसलिए जीवन की, इतनी मार वो खाता है.
आज की परिस्थिति कल रहती नहीं.
कल की परिस्थिति आज इन शब्दों में बहती नहीं.
फिर भी रोज़ की परिस्थिति को भाप कर,
हर रोज़ ये कुछ लिख देता है .
अपनी इस मेहनत का किराया,
वो बड़ी मुश्किल से लेता है.
अपनी भावनाओं की कहानी तो,
आसानी से लिख दी जाती है.
दूसरे को पढ़ कर, उस तक पहुंच ने में,
एक लेखक की जान निकल जाती है.
शब्दों का खज़ाना इस मन में कही दबा रहता है.
दिन के हर लम्हे में,
इसका खुद का मन इससे ये कहता है
इस ख़ज़ाने को खंगाल कर
तू आज फिर कुछ नया रचदे
देके सुकून सबको, तू भी ख़ुशी से नच्दे.

 

Prerna Mehrotra Gupta
4/5/2017

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