ममता-एक एहसास

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No one can beat a mother care…..
छोड़ मेरी फ़िक्र अब,
क्यों आज भी, तू मुझपे मरती है??
अपनी छोड़, तू क्यों मेरे लिए ईश्वर से लड़ती है?
ये मेरी किस्मत, मैंने खुद ने ही, तो है बनाई.
किसी दूसरे से नहीं,
इस जीवन में करी, मैंने बस खुदसे लड़ाई.
अपने गलत खयालो,
को जिस दिन मैं, मार गिराऊंगी.
खुद को ही नहीं,
उस दिन मैं ,इस दुनियां को भी, राह दिखाउंगी.
तूने जो सिखाया,
वही तो जीवन में अपनाया है।
फिर क्यों, मेरे इन संघर्षो  को देख,
तेरा मन भर आया है??
सफलता सी सीढ़ी में,
अभी तो पैर जमाया है।
मुझ पर यू निहाल होकर,
तुमने मेरा अपार प्यार कमाया है।
Prerna Mehrotra
10/5/2017
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