किसी को जब फर्क न पड़े

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If people are not understanding your situation then try to make them realize their mistake through your love & compassion but also try to maintain your self respect.

किसी को जब फर्क न पड़े,तुम्हारे रूठने से।
रिश्ता बिखर कर नहीं जुड़ता,एक बार उसके टूटने से।
तो क्यों न वक़्त -वक़्त पर, अपनी-अपनी बात रखी जाये।
क्यों न दोनों मिल कर, अपना रिश्ता सजाये।

किसी को जब फर्क न पड़े, तुम्हारे न होने से,
चैन मिलेगा क्या तुम्हें, अकेले में कही रोने से,
अगर मिले, तो ज़रूर कही चुप के से रो लेना।
अपनों से नाता तोड़, बस अपनों से रुख मोड़ न लेना।

किसी को जब फर्क न पड़े, तुम्हारे दुख से,
एहसास कराओ उसको अपनी पीड़ा,अपने सुख से,
तुम्हारा सुख ही उसको उसकी गलती का एहसास करायेगा।
तुम्हें मनाने एक दिन वो भी आयेगा।

 

Prerna Mehrotra Gupta
16/6/2017

अच्छे लोग भी हैं इस दुनियाँ में…

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Life is a mixture of different people please try to focus on good people and try to be like them.

ऐसा नहीं कि हर मर्द ही,
औरतों को पीटते है।
इस दुनियाँ में कुछ ऐसे भी है,
जो औरतों से बहुत कुछ सीखते है।
बिन बात पर उनपर नहीं चीख़ते है।

ऐसा नहीं कि हर औरत ,
मर्दो के पैसों के पीछे भागती हैं।
इस दुनियाँ में कुछ ऐसी भी है,
अपनों की परेशानी को देख,
वो रातों को भी जागती है।
सही बात को समझाने में,
वो अपनों को भी डांटती हैं।

ऐसा नहीं कि हर सास,
ही बुरी होती है।
इस दुनियाँ में कुछ ऐसी भी है।
जो अपनी बहू के गम में भी रोती है।
अपनी बहू को बेटी की तरह,
सुलाकर ही सोती है।

ऐसा नहीं कि हर माँ-बाप,
बस बेटों से ही उम्मीद करते है।
इस दुनियाँ में कुछ ऐसे भी है ,
जो बेटियों से भी उतनी ही उम्मीद रखते है।
अपने बुढ़ापे का सहारा वह,
अपनी बेटी को भी समझते हैं।

 

Prerna Mehrotra Gupta
15/6/2017

मेरी कुछ अन कही ख्वाहिशें

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My untold dreams…..

काश एक शांति की दुनियाँ मैं बना पाऊँ,
काश उसे अपनी अच्छी सोच से मैं सजा पाऊँ,
आसान  हैं लड़ झगड़ के रहना,
बड़ा मुश्किल हैं, शांति से हर बात को अपनी कहना।

काश मेरी ख्वाहिशों के इशारे,
मेरे अपनों को समझ आने लगे।
कैसे दुनियाँ को भूल हम,
खुदा की बनाई राह पर जाने लगे।

काश ज़िन्दगी का सफर,
यूं  ही अपनों के संग हस्ते हुये कट जाये।
मेरी कमाई ज्ञान की दौलत,
मेरे अपनों में थोड़ी थोड़ी बंट  जाये।

काश मेरे हर दिन के परिवर्तन को लोग जान पायें,
मुझे समझ, मेरे पीछे कोई, मुझसे ये पूछने को आये,
तुम्हारे व्यवहार में ऐसी निर्मलता कैसे आई।
तुम्हारे हर रूप की छवि हम सब के मन को है भाई।

काश इस दुनियाँ में,
सब प्यार की भाषा समझते,
अपने को संभाल,
किसी और की बातों में ना उलझते।

काश प्यार की अनोखी कला,
मैं दुनियाँ को शांति से बताती।
अपने को कर जग कल्याण के लिए समर्पित,
मैं दूसरों की ख़ुशी में मुस्कुराती।

काश शांति का सफर,
सबको अच्छा लगता करना।
मद मस्त रहते सब अपनी धुन में,
फिर काहे, किसी से डरना।

Prerna Mehrotra Gupta
7/6/2017

 

गाँव की रंगीन दुनियाँ ???

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A Salute to a farmers & their family……

ऐसी प्रकृति की ताज़गी,
अब शहरों में खोगई।
देख इन हसींन वादियों को,
ये कवियत्री  भी ख़ुशी से रो गई।
जहाँ देखू वहाँ बीते कल की दास्ताँ,
सुनाई पड़ती हैं।
सुन उन यादों की कहानी,
ये कवियत्री आगे बढ़ती हैं।
कही मटका दिखा,
तो दिखीं, कही खेतों में हरियाली ।
सुख कर काटा बन चुका था,
वो खेतों का माली।
आसान नहीं ये जीवन,
बस दूर से ऐसा लगता हैं।
कर इतनी मेहनत,
किसान को क्या मिलता हैं???

 

Prerna Mehrotra Gupta
28/5/2017

अंदर से संवारो ख़ुदको

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your outer appearance will never define your beauty because it is the heart that is important.The one whose intentions are beautiful is actually beautiful & they are the one who peacefully enjoys their life with dignity and making their environment feel proud.In short, the key to success is to become beautiful from within.” A beautiful heart can earn the trust of millions.

गहरी बन, ज़िन्दगी की गहराई में उतरती हूँ।
अपने को कर बस ठीक,
अब हर रोज़ मैं संवरती हूँ।
इस गहराई का सच,
सच्चे लोग ही समझ पायेंगे।
संवार के यू खुद को आज,
आने वाले कल में वही ज़िन्दगी का लुफ्त उठायेंगे।

 

Prerna Mehrotra Gupta
28/5/2017

चित्र की कहानी मेरी ज़ुबानी

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yesterday I went to my relative place there I saw this painting its appears to me as if peahens trying to console peakcock and making him realize the importance of her in his life.

यू मुख मोड़,
क्यों बात तुम नही मुझसे करते हो.
खड़ी हूँ जब मैं तुम्हारे सामने,
फिर क्यों इस दुनियां से डरते हो??
अकेली मैं ही सब पर भारी पड़ जाऊँगी।
अपनी संगति में तुझको रखकर,
मैं तुझे भी काबिल बनाऊँगी।
मेरी इन भावनाओं का रंग देख कितना गहरा हैं।
किसी को देख कर भी अब ना देखू,
क्यूंकि दिल में तो बस तुम्हारा ही चेहरा हैं।

 

Prerna Mehrotra Gupta
27/5/2017

अपनी ही गलतियों से सीखो

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Mistakes will help you in becoming the perfectionist.

गलतियों में छुपी पूर्णता को देखो,
खुदसे हार,यू खाली बैठ, धूप ना सेको।
आज की गलतियां ही, कल तुझे पूर्ण कर देगी,
तेरे ही उदाहरण से, फिर ये दुनियाँ सबक लेगी।
विश्वास कर अपने विश्वास पर,
खुदपर विश्वास कभी ना खोना।
नज़र अंदाज़ कर मेरी इन बातों को,
अकेले में फिर, तू कही, ना रोना।

 

Prerna Mehrotra Gupta
27/5/2017