अंदर से संवारो ख़ुदको

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your outer appearance will never define your beauty because it is the heart that is important.The one whose intentions are beautiful is actually beautiful & they are the one who peacefully enjoys their life with dignity and making their environment feel proud.In short, the key to success is to become beautiful from within.” A beautiful heart can earn the trust of millions.

गहरी बन, ज़िन्दगी की गहराई में उतरती हूँ।
अपने को कर बस ठीक,
अब हर रोज़ मैं संवरती हूँ।
इस गहराई का सच,
सच्चे लोग ही समझ पायेंगे।
संवार के यू खुद को आज,
आने वाले कल में वही ज़िन्दगी का लुफ्त उठायेंगे।

 

Prerna Mehrotra Gupta
28/5/2017

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बीता कल, आज और आने वाला कल

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The Past has gone, future is always uncertain- try to give best in present.
अगले पल का पता नही,
और कलकी चिंता करते हो।
अपने आज को बदलते नहीं,
बीते कल की निंदा करते हो.
बस आज को देखो ,
तो सब कुछ बदल जायेगा।
जो कल तक था फ़कीर,
वो कल राजा भी बन जायेगा।

Prerna Mehrotra Gupta
26/5/2017

पृथ्वी की हर एक चीज़ को मैंने अपना माना

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A fight between air & the fragrance of soil. They both need my attention when rain happen.
खुदसे सोचा खुदसे जाना,
पृथ्वी की हर एक चीज़ को मैंने अपना माना।
ठंडी हवा का झोका,
जब कुछ मुझसे कहकर जाता हैं।
मिट्टी की सौंधी खुशबू का मन,
ये देख,भर आता हैं।
कैसे हवाये मुझे खुदमे उलझा देती हैं।
मिट्टी की वो खुशबू ना जाने क्यों ??
उसी वक़्त अंगड़ाई लेती हैं।
उस खुशबू को कर महसूस,
फिर उसे मनाना पड़ता हैं।
उसके प्रति मेरे प्यार को देख,
फिर हवाओं का पारा चढ़ता हैं।
दोनों को कर एक,
फिर उनके रस में डूब जाती हूँ।
अपनी भावनाओं के ज़रिये,
मैं ऐसे प्रकृति को मनाती  हूँ।
Prerna Mehrotra Gupta
26/5/2017

भावनाओं को समझो

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Anger towards bad is good.

बेहतरीन दुनियाँ के बेहतरीन रंग,
अब क्यों मुझे भाने लगे है।
किस्से बातें ना मिलाऊ,
सब ही तो मेरे सगे हैं??
कोई दिल दुखा कर,
सही बात बताता हैं।
तो किसीके अनमोल शब्दों पर,
मेरा मस्तक झुक जाता हैं।
अपनी जगह तो सब ही सही हैं।
चाहें डाट ही कर दिखाये सही राह,
मेरा सगा तो बस वही हैं।

 

Prerna Mehrotra Gupta
23/5/2017

तोड़ दे आलस का जाल….

Procrastination will lead you nowhere…

आलस की पौध को पानी ना डाल,
मिलेंगी तो मंज़िल, बस लगेंगे साल।
जो हो सकता है जल्दी, उसे कल पे ना टाल,
करके कड़ी मेहनत, तोड़ दे आलस का जाल।

 

Prerna Mehrotra Gupta
18/5/2017

मेरे प्यारे पापा

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Love you papa you are truly an inspiration…..

मेहनत की अग्नि में, खुद को जलाके,
तुमने बहुततो को राह दिखाई हैं।
अपनों को पहुँचा दिया तट पर,
फिर क्यों अपनी नइया तुमने,
लेहरो के बीच में लगाई हैं।
तुम्हारी अपनी उम्मीदे इस जीवन से ,कहाँ खो गई??
तुम्हें देख इस हाल में, मेरी रूह तक रो गई।
डिप्रेशन की दुनियां में, रहकर भी,
तुमने इतना कमाल कैसे कर दिखलाया??
तुम्हारे इस हौसले को देख,
इस दिल को भी करार आया।
नहीं देखा ईष्वर को,
तुममे ही कही, मैं उन्हें ढूंढ पाती हूँ।
तुम्हे अपनी बात समझाने में,
मैं भले ही, वक़्त लगाती हूँ।
इस दुनियाँ की भीड़ में भी,
ना जाने क्यों बस, मैं तुम्हें ही बहुत चाहती हूँ।
अपने जज़्बात बोल के नहीं तो क्या?
शब्दों में तो बया कर सकती हूँ।
आपकी ख़ुशी के लिया- ओ मेरे पापा,
मैं ईश्वर से भी लड़ सकती हूँ।
मुझे इस लायक बनाकर,
तुमने अपना फ़र्ज़ निभाया हैं।
मेरी नादानियों को भी कर माफ़,
तुमने अपना प्यार ,मुझपर निस्वार्थ लुटाया हैं।
तुमसे बहुत कुछ सीख,
तुम्हारी इस लगन की आदत,
मैं अपने जीवन में अपनाऊंगी।
अपने इन शब्दों के ज़रिये,
इस दुनियाँ की नज़रो में,
मैं तुम्हें प्रेरणा बनाऊंगी।
सीखेंगे लोग तुमसे डिप्रेशन से कैसे लड़ा जाता हैं।
उस दरमियाँ, कैसे दुखो का पहाड़,
पूरे परिवार पर गिर जाता है।
उस समय भी तुमने कैसे पूरे परिवार को संभाला।
तुम्हारे उस जुनून का रंग था, बड़ा ही निराला।
जिसके रहते, हम सब ने, साथ मिलके वो वक़्त निकाला।

 

Prerna Mehrotra
13/5/2017

लेखक

Feelings of a writer…..

महसूस कर हर परिस्थिति को,
एक लेखक लिख पाता है.
दिल का बुरा नहीं होता.
शायद इसलिए जीवन की, इतनी मार वो खाता है.
आज की परिस्थिति कल रहती नहीं.
कल की परिस्थिति आज इन शब्दों में बहती नहीं.
फिर भी रोज़ की परिस्थिति को भाप कर,
हर रोज़ ये कुछ लिख देता है .
अपनी इस मेहनत का किराया,
वो बड़ी मुश्किल से लेता है.
अपनी भावनाओं की कहानी तो,
आसानी से लिख दी जाती है.
दूसरे को पढ़ कर, उस तक पहुंच ने में,
एक लेखक की जान निकल जाती है.
शब्दों का खज़ाना इस मन में कही दबा रहता है.
दिन के हर लम्हे में,
इसका खुद का मन इससे ये कहता है
इस ख़ज़ाने को खंगाल कर
तू आज फिर कुछ नया रचदे
देके सुकून सबको, तू भी ख़ुशी से नच्दे.

 

Prerna Mehrotra Gupta
4/5/2017