अफ़सोस होता है

 

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Sometime I feel bad to know the reality can”t we understand or realize this fact that the god resides in each & every creature of this universe then why people fight in the name of religion. No religion taught voilance it is only people who lack wisdom.The defination of God is only love.

अफ़सोस होता है ये जान कर कि,हर धर्म का व्यक्ति बस ,
अपने धर्म वालो के हित में ही, अच्छा सोचना चाहता है।
मुझे कोई ये बतादे,ऐसा कौनसा धर्म है,
जो ये सब सिखाता है???

अफ़सोस होता है ये जान कर कि,धर्म का बटवारा,
हम इंसानों ने ही किया है।
मुझे कोई ये तो बता दे, ऐसे कौन से प्रभु है,
जिनसे किसी भी धर्म के व्यक्ति ने कुछ दिल से मांगा,
और अपने भक्तों को उन्होंने नहीं दिया हैं।

अफ़सोस होता है ये जान कर कि, ईश्वर हमारे अंदर है,
उनकी प्रतिमा मूर्ति के रूप में बाहर इंसानों ने बनाई हैं।
मुझे कोई ये तो बतादे,
है तो वो हम सबके अंदर, तो फिर क्यों बस अपने ही धर्म से उम्मीद लगाई है।

 

Prerna Mehrotra Gupta
24/6/2017

खबर नहीं खुदकी

Info

Self control is the best medicine to cure every problem in our life.

खबर नहीं खुदकी,
पर दूसरों की खबर तुम रखते हो।
इधर की उधर करना क्या ज़रूरी है?
दूसरे की सुन,
उसको सही दिशा भी तो तुम दिखा सकते हो??

खबर नहीं खुदकी,
दूसरों की बातों को सुन,चिढ़ के बैठ जाते हो.
उसके प्रति बैर रखना क्या ज़रूरी है???
उस चिड़चिड़ाहट में तुम अपना ही कीमती वक़्त गवाते हो.

खबर नहीं खुदकी,
दूसरों से उम्मीद लगाते हो.
सबसे अपना काम निकलवाना क्या ज़रूरी हैं??
तुम अपनी क्षमता को क्यों नहीं जगाते हो.

खबर नहीं खुदकी,
ईश्वर को बाहर ढूंढने निकल जाते हो.
उनको ऐसे पाना क्या ज़रूरी है??
झांको खुद मे, खुदको कर नज़र अंदाज़,
जीवन की ठोकरें तुम खाते हो।
हम सब में बसे है ईश्वर,
ये बात तुम कैसे भूल जाते हो??

 

Prerna Mehrotra Gupta
20/6/2017

अपनी ही गलतियों से सीखो

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Mistakes will help you in becoming the perfectionist.

गलतियों में छुपी पूर्णता को देखो,
खुदसे हार,यू खाली बैठ, धूप ना सेको।
आज की गलतियां ही, कल तुझे पूर्ण कर देगी,
तेरे ही उदाहरण से, फिर ये दुनियाँ सबक लेगी।
विश्वास कर अपने विश्वास पर,
खुदपर विश्वास कभी ना खोना।
नज़र अंदाज़ कर मेरी इन बातों को,
अकेले में फिर, तू कही, ना रोना।

 

Prerna Mehrotra Gupta
27/5/2017

भावनायें कवयित्री की…..

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Poetess can understand the pain of every aspects of life and she has a power to depict the same in her poetries.

हवाओं में छुपे ज्ञान को कवयित्री,
अपनी कविताओं में, बंद कर देती हैं।
करके रात दिन इन घटाओं से बातें,
वो किसीसे कुछ नही लेती हैं।
अपने भावों को बताने में,
ना जाने कितनी परीक्षा, वो जीवन की देती हैं।
हर एक पल, उसे ज़िन्दगी कुछ सिखाती हैं।
अपनी कविताओं के ज़रिये,
वो दूसरों को भी जगाती हैं।
कोई सीखें उससे,
तो कोई उसकी मज़ाक उड़ाता हैं।
जीवन के हर रंग रूप को देख,
उसे फिर भी मज़ा आता हैं।

Prerna Mehrotra Gupta
25/5/2017

तुम भी कर सकते हो

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भावनाओं की बारिश,
दूसरे पर गिर कर भी,
हमें भिगों देती है।
शांति से सिखाकर पहले ,आने वाले कल में,
परीक्षा वो लेती हैं।
आज किसी पे बीती,
कल तुम पर भी बीत सकती हैं।
अपनी चीज़ो को भूल,
दूसरों की चीज़े ही क्यों सबको अच्छी लगती हैं??
इस दुनियाँ में हर कोई,अपनी मेहनत का, ही तो खाता हैं।
हर एक चीज़ जोड़ने में, हर एक का पूरा जीवन लग जाता है।
किसने रोका तुम्हें मेहनत करने से…
तुम्हे ही फुरसत नहीं, दूसरों के नोट गिनने से।
किसी और के नोट गिनने से,
तुम्हारा बटुआ तो भर नही जायेगा।
रहेगा अपने काम में जो मगन,
सुख की रोटी, बस वही जीवन में खायेगा।

 

Prerna Mehrotra Gupta
20/5/2017

कही ना कही

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क्यों बिन वजह पहले,
अरमान जगाते हो?
उदास होकर- फिर,
खुद का ही दिल, तुम दुखाते हो।
परिणाम का पता,
कही ना कही, हमे पता होता है पहले।
इस बात को समझ- और,
पहले ही खुद से ये कहले।
मिलेगी सफलता तो अच्छा हैं,
ना मिले तो समझ
अभी भी तू एक छोटा बच्चा हैं।
अब उगली पकड़,
तुझे राह कोई दिखायेगा।
जो रह गया पीछे,
अब उसे और भी बेहतर आयेगा।

 

Prerna Mehrotra
12/4/2017

बस अंदर से तू कभी टूट ना जाना

गिर गिर के उठना,
सीखा हैं मैंने।
दबे हुये ,अरमान भी,
लगे है ,अब मुझसे ये कहने।
ठोकरों में छिपी, जीत का पता,
आने वाला कल बतायेगा।
तेरे संघर्षो का झंडा,
एक दिन ज़रूर लहरायेगा।
बस आज के इन संघर्षो को,
दिल से ना लगाना।
आँखों में भरे,आज भले ही आँसू,
बस अंदर से तू कभी टूट ना जाना।

 

Prerna Mehrotra
10/4/2017