अफ़सोस होता है

 

11150752_908791295829847_417757829121695321_n

Sometime I feel bad to know the reality can”t we understand or realize this fact that the god resides in each & every creature of this universe then why people fight in the name of religion. No religion taught voilance it is only people who lack wisdom.The defination of God is only love.

अफ़सोस होता है ये जान कर कि,हर धर्म का व्यक्ति बस ,
अपने धर्म वालो के हित में ही, अच्छा सोचना चाहता है।
मुझे कोई ये बतादे,ऐसा कौनसा धर्म है,
जो ये सब सिखाता है???

अफ़सोस होता है ये जान कर कि,धर्म का बटवारा,
हम इंसानों ने ही किया है।
मुझे कोई ये तो बता दे, ऐसे कौन से प्रभु है,
जिनसे किसी भी धर्म के व्यक्ति ने कुछ दिल से मांगा,
और अपने भक्तों को उन्होंने नहीं दिया हैं।

अफ़सोस होता है ये जान कर कि, ईश्वर हमारे अंदर है,
उनकी प्रतिमा मूर्ति के रूप में बाहर इंसानों ने बनाई हैं।
मुझे कोई ये तो बतादे,
है तो वो हम सबके अंदर, तो फिर क्यों बस अपने ही धर्म से उम्मीद लगाई है।

 

Prerna Mehrotra Gupta
24/6/2017

Advertisements

साधू का जीवन

pics

Spirituality is a continous process which is based on faith, practise & study. Reading a good book doesnt makes you a better person until or unless you apply the same in your life. This poem of mine will depict the struggle of a genuine practitioner of faith. Anyone can  live the life of a monk because it is heart that is important, clothes doesnot play any role in spirituality. Try to be a good person throughout your life.Donot focus outside just focus inside where good & evil both reside.

ज्ञान के समुंदर में डुबकी लगाके,
जो पानी इस तन पर रह जाता है.
उस गीले पन की आड़ में,
मानव इस दुनियाँ से बहुत कुछ कह जाता है।
सूखे तन पर, ज्ञान का पानी जब मिट जाता है।
एहसास करा कर, उस ज्ञानी को,
साधू से उसे साधारण मनुष्य बनाता है।

ज्ञानी जन को हर रोज़,
ज्ञान के समुंदर में डूबना पड़ता है।
अपने अच्छे कर्म द्वारा ही,
वो इस दुनियाँ से लड़ता है।
अच्छाई का आजीवन साथ
देकर ही वो जीवन में आगे बढ़ता है।

रहता ज्ञान का पानी जब तक उसके तन पर,
पड़ता नहीं गलत का प्रभाव फिर उसके मन पर।
अपनी स्थिति हर रोज़ वो योग से सुधारता है।
अपनी ज्ञान रूपी माला से,
न जाने कितनों का जीवन वो सँवारता है।

 

Prerna Mehrotra Gupta
20/6/2017

खबर नहीं खुदकी

Info

Self control is the best medicine to cure every problem in our life.

खबर नहीं खुदकी,
पर दूसरों की खबर तुम रखते हो।
इधर की उधर करना क्या ज़रूरी है?
दूसरे की सुन,
उसको सही दिशा भी तो तुम दिखा सकते हो??

खबर नहीं खुदकी,
दूसरों की बातों को सुन,चिढ़ के बैठ जाते हो.
उसके प्रति बैर रखना क्या ज़रूरी है???
उस चिड़चिड़ाहट में तुम अपना ही कीमती वक़्त गवाते हो.

खबर नहीं खुदकी,
दूसरों से उम्मीद लगाते हो.
सबसे अपना काम निकलवाना क्या ज़रूरी हैं??
तुम अपनी क्षमता को क्यों नहीं जगाते हो.

खबर नहीं खुदकी,
ईश्वर को बाहर ढूंढने निकल जाते हो.
उनको ऐसे पाना क्या ज़रूरी है??
झांको खुद मे, खुदको कर नज़र अंदाज़,
जीवन की ठोकरें तुम खाते हो।
हम सब में बसे है ईश्वर,
ये बात तुम कैसे भूल जाते हो??

 

Prerna Mehrotra Gupta
20/6/2017

अपनी ही गलतियों से सीखो

405473_330588396983476_448066107_n

Mistakes will help you in becoming the perfectionist.

गलतियों में छुपी पूर्णता को देखो,
खुदसे हार,यू खाली बैठ, धूप ना सेको।
आज की गलतियां ही, कल तुझे पूर्ण कर देगी,
तेरे ही उदाहरण से, फिर ये दुनियाँ सबक लेगी।
विश्वास कर अपने विश्वास पर,
खुदपर विश्वास कभी ना खोना।
नज़र अंदाज़ कर मेरी इन बातों को,
अकेले में फिर, तू कही, ना रोना।

 

Prerna Mehrotra Gupta
27/5/2017

भावनायें कवयित्री की…..

unnamed

Poetess can understand the pain of every aspects of life and she has a power to depict the same in her poetries.

हवाओं में छुपे ज्ञान को कवयित्री,
अपनी कविताओं में, बंद कर देती हैं।
करके रात दिन इन घटाओं से बातें,
वो किसीसे कुछ नही लेती हैं।
अपने भावों को बताने में,
ना जाने कितनी परीक्षा, वो जीवन की देती हैं।
हर एक पल, उसे ज़िन्दगी कुछ सिखाती हैं।
अपनी कविताओं के ज़रिये,
वो दूसरों को भी जगाती हैं।
कोई सीखें उससे,
तो कोई उसकी मज़ाक उड़ाता हैं।
जीवन के हर रंग रूप को देख,
उसे फिर भी मज़ा आता हैं।

Prerna Mehrotra Gupta
25/5/2017

कही ना कही

603127_496477013727946_206353186_n

क्यों बिन वजह पहले,
अरमान जगाते हो?
उदास होकर- फिर,
खुद का ही दिल, तुम दुखाते हो।
परिणाम का पता,
कही ना कही, हमे पता होता है पहले।
इस बात को समझ- और,
पहले ही खुद से ये कहले।
मिलेगी सफलता तो अच्छा हैं,
ना मिले तो समझ
अभी भी तू एक छोटा बच्चा हैं।
अब उगली पकड़,
तुझे राह कोई दिखायेगा।
जो रह गया पीछे,
अब उसे और भी बेहतर आयेगा।

 

Prerna Mehrotra
12/4/2017

बस अंदर से तू कभी टूट ना जाना

गिर गिर के उठना,
सीखा हैं मैंने।
दबे हुये ,अरमान भी,
लगे है ,अब मुझसे ये कहने।
ठोकरों में छिपी, जीत का पता,
आने वाला कल बतायेगा।
तेरे संघर्षो का झंडा,
एक दिन ज़रूर लहरायेगा।
बस आज के इन संघर्षो को,
दिल से ना लगाना।
आँखों में भरे,आज भले ही आँसू,
बस अंदर से तू कभी टूट ना जाना।

 

Prerna Mehrotra
10/4/2017