सीख

sample design

Each and every creature on earth is your teacher. Learn from everyone but focus only on your behavior.

Prerna Mehrotra Gupta

Advertisements

खुदको कभी भूल ना जाना।

sample design

Buddha quote-you yourself as much as anyone in the universe. Pamper yourself never begrudge yourself for the sake of others. You will face the consequences of your causes so just improve yourself and try to become a better person in every moment of your life.

Five things you must do for yourself.

  • Most important point- Forgive yourself for your mistake.
  • Appreciate & motivate yourself.
  • Deep gratitude for whatever you achieved so far.
  • Do not be fake live the life in your own unique way and be firm with your positive attitude.
  • Try to spend most of the quality time with you and try to listen to your own inner voice through meditation, chanting, music, exercising whatever activity you may like. Just do it do not spend much energy in thinking what other people think about you. Just be yourself and enjoy your life at peace but remember never ever be a reason for someone else sorrow. Buddha nature exists in each and everything on this earth just tries to attract this buddha nature from the universe.

Prerna Mehrotra Gupta
15/8/2018

एक क्षण में बदल सकती है तुम्हारी दुनियां।

sample design

The moment you realize your mistake as well as your potential that very moment brings peace and prosperity to your life. Never begrudge yourself for your mistake nor be so proud of your potential because everyone is unique.

Prerna Mehrotra Gupta
3/8/2018

लोटस सूत्रा

Info

Want to know more about human behaviour kindly refer Lotus sutra, Awesome book on Earth.

कैसे मानु कि कोई अच्छा है??
कैसे जानू कि उसका दिल भी, मेरे प्रति सच्चा है??
एक पल में अच्छा तो वही दूसरे पल में हमसे बचता है?
इन्ही व्यवहारों को देख, कवि  हर पल कुछ रचता है।
इस व्यवहार का कारण केवल महापुरुष ही जान पाये।
बुरा हो या अच्छा हर एक व्यक्ति उनके मन को भाये।
हमारा व्यवहार पल भर में क्यों बदलता हैं??
इस बात की गहराई का पता हमें (लोटस सूत्रा ) पढ़ कर पता चलता हैं।

Prerna Mehrotra Gupta
23/6/2017

 

साधू का जीवन

sample design

Spirituality is a continuous process which is based on faith, practice & study. Reading a good book doesn’t make you a better person until or unless you apply the same in your life. This poem of mine will depict the struggle of a genuine practitioner of faith. Anyone can live the life of a monk because it is the heart that is important. Try to be a good person throughout your life.Do not focus outside just focus inside you where good & evil both reside.

ज्ञान के समुंदर में डुबकी लगाके,
जो पानी इस तन पर रह जाता है.
उस गीले पन की आड़ में,
मानव इस दुनियाँ से बहुत कुछ कह जाता है।
सूखे तन पर, ज्ञान का पानी जब मिट जाता है।
एहसास करा कर, उस ज्ञानी को,
साधू से उसे साधारण मनुष्य बनाता है।

ज्ञानी जन को हर रोज़,
ज्ञान के समुंदर में डूबना पड़ता है।
अपने अच्छे कर्म द्वारा ही,
वो इस दुनियाँ से लड़ता है।
अच्छाई का आजीवन साथ
देकर ही वो जीवन में आगे बढ़ता है।

रहता ज्ञान का पानी जब तक उसके तन पर,
पड़ता नहीं गलत का प्रभाव फिर उसके मन पर।
अपनी स्थिति हर रोज़ वो योग से सुधारता है।
अपनी ज्ञान रूपी माला से,
न जाने कितनों का जीवन वो सँवारता है।

 

Prerna Mehrotra Gupta
20/6/2017

खबर नहीं खुदकी

Self control is the best medicine to cure every problem in our life.

खबर नहीं खुदकी,
मगर  दूसरों की खबर तुम रखते हो।
इधर की उधर करना क्या ज़रूरी है?
दूसरे की सुन,उसको सही दिशा भी तो तुम दिखा सकते हो??

खबर नहीं खुदकी,
दूसरों की बातों को सुन,चिढ़ के बैठ जाते हो.
उसके प्रति बैर रखना क्या ज़रूरी है???
उस चिड़चिड़ाहट में तुम अपना ही कीमती वक़्त गवाते हो.

खबर नहीं खुदकी,
दूसरों से उम्मीद लगाते हो.
सबसे अपना काम निकलवाना क्या ज़रूरी हैं??
तुम अपनी क्षमता को क्यों नहीं जगाते हो.

खबर नहीं खुदकी,
ईश्वर को बाहर ढूंढने निकल जाते हो.
उनको ऐसे पाना क्या ज़रूरी है??
झांको खुदमे, खुदको कर नज़र अंदाज़,
जीवन की ठोकरें तुम खाते हो।
हम सब में बसे है ईश्वर,
ये बात तुम कैसे भूल जाते हो??

Prerna Mehrotra Gupta
20/6/2017

किसी को जब फर्क न पड़े

631

If people are not understanding your situation then try to make them realize their mistake through your love & compassion but also try to maintain your self-respect.

किसी को जब फर्क न पड़े,तुम्हारे रूठने से।
रिश्ता बिखर कर नहीं जुड़ता,
एक बार गलत तरीके से उसके टूटने से।
तो क्यों न वक़्त -वक़्त पर, अपनी-अपनी बात रखी जाये।
क्यों न दोनों मिल कर, अपना रिश्ता सजाये।

किसी को जब फर्क न पड़े, तुम्हारे न होने से,
चैन मिलेगा क्या तुम्हें, अकेले में कही रोने से,
अगर मिले, तो ज़रूर कही चुप के से रो लेना।
अपनों से नाता तोड़, बस अपनों से रुख न मोड़ लेना।

किसी को जब फर्क न पड़े, तुम्हारे दुख से,
एहसास कराओ उसको अपनी पीड़ा,अपने प्यार भरे सुख से,
तुम्हारा सच्चा प्यार ही उसको उसकी गलती का एहसास करायेगा।
तुम्हें मनाने एक दिन वो भी ज़रूर प्यार से आयेगा।

Prerna Mehrotra Gupta
16/6/2017