कहता तो कोई नहीं,

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Donot be judgemental, sometime people take time to express their feelings and Remember feeling changes every second. Here in this poem you will find some secret of Human Behaviour.

कहता तो कोई नहीं,
पर मन में हर कोई दुनियाँ को पढ़ता हैं।
अपने हक़ के खातिर,
हर कोई अपने तरीके से लड़ता हैं।

कहता तो कोई नहीं,
पर मन में हर कोई अपने से बड़ी उम्मीद रखता है।
हर क्षण कुछ नया सीख,
जीवन के स्वाद फिर वही चखता हैं।

कहता तो कोई नहीं,
पर मन में आशाओं का दीप तो जलता हैं।
कर्म से जो भागे,
दूसरों की जीत को देख बस हाथ वही मलता है।

कहता तो कोई नहीं,
पर मन में क्या सब अच्छा ही सोचते है।
फिर क्यों किसी की मंज़िल पर,
जाने से उसको रोकते है।
क्यों बिन वजह छोटी-छोटी बातों पर टोकते हैं।
जो होते अगर तुम भी अच्छे,
लगते सबके ख़्वाब फिर तुम्हे भी सच्चे।
दूसरों के सपनो को भी अपना बनाओ,
दूसरों से नहीं बस खुदसे बड़ी उम्मीद लगाओ।

 

Prerna Mehrotra Gupta
23/6/2017

किसी को जब फर्क न पड़े

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If people are not understanding your situation then try to make them realize their mistake through your love & compassion but also try to maintain your self respect.

किसी को जब फर्क न पड़े,तुम्हारे रूठने से।
रिश्ता बिखर कर नहीं जुड़ता,एक बार उसके टूटने से।
तो क्यों न वक़्त -वक़्त पर, अपनी-अपनी बात रखी जाये।
क्यों न दोनों मिल कर, अपना रिश्ता सजाये।

किसी को जब फर्क न पड़े, तुम्हारे न होने से,
चैन मिलेगा क्या तुम्हें, अकेले में कही रोने से,
अगर मिले, तो ज़रूर कही चुप के से रो लेना।
अपनों से नाता तोड़, बस अपनों से रुख मोड़ न लेना।

किसी को जब फर्क न पड़े, तुम्हारे दुख से,
एहसास कराओ उसको अपनी पीड़ा,अपने सुख से,
तुम्हारा सुख ही उसको उसकी गलती का एहसास करायेगा।
तुम्हें मनाने एक दिन वो भी आयेगा।

 

Prerna Mehrotra Gupta
16/6/2017

पृथ्वी की हर एक चीज़ को मैंने अपना माना

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A fight between air & the fragrance of soil. They both need my attention when rain happen.
खुदसे सोचा खुदसे जाना,
पृथ्वी की हर एक चीज़ को मैंने अपना माना।
ठंडी हवा का झोका,
जब कुछ मुझसे कहकर जाता हैं।
मिट्टी की सौंधी खुशबू का मन,
ये देख,भर आता हैं।
कैसे हवाये मुझे खुदमे उलझा देती हैं।
मिट्टी की वो खुशबू ना जाने क्यों ??
उसी वक़्त अंगड़ाई लेती हैं।
उस खुशबू को कर महसूस,
फिर उसे मनाना पड़ता हैं।
उसके प्रति मेरे प्यार को देख,
फिर हवाओं का पारा चढ़ता हैं।
दोनों को कर एक,
फिर उनके रस में डूब जाती हूँ।
अपनी भावनाओं के ज़रिये,
मैं ऐसे प्रकृति को मनाती  हूँ।
Prerna Mehrotra Gupta
26/5/2017

ईमानदारी से खेलो

 

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There is no short cut of success.

इस लम्हें को इस लम्हें में,
तू खुल के जीले।
अगर करी हैं तूने ,ईमानदारी से मेहनत,
तो आने वाली जीत का जाम,
तू अभी से पीले।

तेरे कर्म का सच बस तू ही जनता हैं।
अच्छे रास्ते पर चलने वालो को,
ये जग भी मानता हैं।
अपने हित के लिए, किसी का बुरा ना करना।
महंगा पड़ता ,अपना वार ही वरना।

मेहनत से पनपे भोजन का,
स्वाद ही अलग होता हैं।
जो करता है इसमें मिलावट,
आजीवन वो सुख के लिए रोता हैं।

 

Prerna Mehrotra Gupta
26/5/2017

बदलाव

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Human revolution is a process through which we can understand our life deeply.

एक सफर जीवन का खत्म नही होता,
तो दूसरा शुरू हो जाता हैं।
अपने पर क्या नहीं भरोसा??
फिर क्यों जीवन के बदलावों से तू डर जाता हैं।
हर एक बदलाव हमे,
दूसरे बदलाव के लिए तैयार करता है।
इस बात की गहराई को ना समझ,
तू क्यों पल-पल मरता हैं।

Prerna Mehrotra Gupta
25/5/2017

कॉलेज और कॉर्पोरेट

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practicle & theory both are important but try to give more priority to practicle part of your knowledge.

कॉलेज की पढ़ाई, ना जाने क्यों
कॉर्पोरेट में कम काम आती हैं ??
कुछ अनुभव कर, कुछ लोगो की देख,
ये कवयित्री इतना कुछ लिख पाती है।
तैरनेकी कला कॉलेज बस पड़ा देता है।
फैक समुंदर में,कॉर्पोरेट हमारी कड़ी परीक्षा लेता हैं।
पढ़ना और करना, ये दो अलग बातें हैं।
पढ़ाई में खोकर, जीवन की काटी हमने बहुत सी रातें हैं.
बचपन से उन्हीं बातों को, जो हम प्रैक्टिकल करके सीखते,
असलियत का सामना कर, कॉर्पोरेट की दुनियाँ में हम यू ना चीखते।
मेरी इन पंक्तियों की गहराई, जिस किसी को भी समझ में आयेगी।
उस  छात्र की किस्मत उसे बहुत आगे तक लेजायेगी ।

 

Prerna Mehrotra Gupta
21/5/2017

कुछ सच जीवन के

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Learning from my life….

मतलब के लिए मतलबी ना बन,
मतलब की मेहनत का फलता ना धन।

जोश की राह में, होश ना खोना,
असफल कर खुद को, तुम फिर ना रोना।

न्याय की राह में, अन्याय ना करना।
भूल कर खुदको,बस दूसरों  पर मत मरना।

किसीकी प्रयास का अंत,
जब तुम्हारी नज़रो में, आरंभ बन जायेगा।
अपनी ही मेहनत का नहीं,
वो इतिहास में करी,उस मेहनत का भी फल खायेगा।

 

Prerna Mehrotra Gupta
16/5/2017