चित्र की कहानी मेरी ज़ुबानी

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yesterday I went to my relative place there I saw this painting its appears to me as if peahens trying to console peakcock and making him realize the importance of her in his life.

यू मुख मोड़,
क्यों बात तुम नही मुझसे करते हो.
खड़ी हूँ जब मैं तुम्हारे सामने,
फिर क्यों इस दुनियां से डरते हो??
अकेली मैं ही सब पर भारी पड़ जाऊँगी।
अपनी संगति में तुझको रखकर,
मैं तुझे भी काबिल बनाऊँगी।
मेरी इन भावनाओं का रंग देख कितना गहरा हैं।
किसी को देख कर भी अब ना देखू,
क्यूंकि दिल में तो बस तुम्हारा ही चेहरा हैं।

 

Prerna Mehrotra Gupta
27/5/2017

सुन कर अनसुना

सुन कर अनसुना करना हैं आसान,
अपना कर अच्छी आदत,
हर कोई बन सकता है महान।
हम सब मे छिपी हैं एक अच्छाई,
ध्यान ना देके उसपे,
देखे हम सबमे बुराई।
शांत कर खुदको,
देख दूसरे में अच्छा।
संघर्षो से जुंझा ,
हर मनुष्य हैं सच्चा।

 

Prerna Mehrotra
17/4/2017

प्यार का नज़राना

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Today I am going to depict Hina’s feeling towards her husband.

इन आँखों में झलकता प्यार,
हर किसीको दिखता नहीं।
इस ज़माने में,
प्यार के ऐसे नज़राने,कोई लिखता नहीं।
फिर भी, हमारे प्यार के लिए,
आज कुछ, लिखना चाहती हूँ।
आप बिन, रह नहीं सकती,
ये आपको मैं अक्सर बताती हूँ।
वक़्त निकाल आप भी,
इन पंक्तियों को पढ़ना।
छोड़ना ना, मेरा साथ,
मेरे संग ही जीवन में आगे बढ़ना।

 

Prerna Mehrotra
27/3/2017

पीढ़ी दर पीढ़ी

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I dedicate this post to Rohit Agarwal- A caring father & Son.

ये संस्कार ही तो,
पीढ़ी दर पीढ़ी जाते हैं।
रिस्तो से बंधे,
ये ऐसे नाते हैं।
एक रूठ जाये,
तो दूसरा मनाता हैं।
रिश्तों की माला से,
यूही तो घर सज जाता हैं।

 

Prerna Mehrotra
27/3/2017

भाई- बहन

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Selfless love of brother & sister. I dedicate this post to Harshita Garg who wants to express her feeling towards her cousins through me.

भाई बहन का नाता,
होता हैं अनमोल।
लड़ते झगड़ते,
एक दूसरे की, खोल देते ये पोल।
खुट्टा कर, एक दूसरे से,
रहते ये फिर भी साथ में.
बनती खुशियों की लकीर,
इनसे ही तो हाथ में।

 

Prerna Mehrotra
26/3/2017

शिशु

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First time when a mother saw her baby. I dedicate this post to a very caring mom Ilma…

लेके तुझे इन हाथों में,
देखा मैंने,जब पहेली बार।
मासूमियत भरी ,उस सूरत संग,
करी थी, इस माँ ने, अपनी अखियां चार।
सुकून मिला इस माँ को,
तुझे गले लगाके।
परेशान किया था तूने,
ना जाने, मुझे, कितनी रातो को जगाके।

 

Prerna Mehrotra
25/3/2015

मेरी छोटी सी दुनियां

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There is no substitute of mother’s love. I dedicate this post to two beautiful kids from their mother Payal Sapra.

लाई इन्हें इस दुनियां में,
मैं करके लाखों जतन।
सबसे हटके हैं ये,
दो प्यारे मेरे अनमोल रतन।
भर किलकारी ये दोनों,
मेरे संग हैं खेले।
सूझता नहीं कुछ और मुझे,
जब हो, हम तीनों अकेले।

 

Prerna Mehrotra
25/3/2017