अंदर से संवारो ख़ुदको

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your outer appearance will never define your beauty because it is the heart that is important.The one whose intentions are beautiful is actually beautiful & they are the one who peacefully enjoys their life with dignity and making their environment feel proud.In short, the key to success is to become beautiful from within.” A beautiful heart can earn the trust of millions.

गहरी बन, ज़िन्दगी की गहराई में उतरती हूँ।
अपने को कर बस ठीक,
अब हर रोज़ मैं संवरती हूँ।
इस गहराई का सच,
सच्चे लोग ही समझ पायेंगे।
संवार के यू खुद को आज,
आने वाले कल में वही ज़िन्दगी का लुफ्त उठायेंगे।

 

Prerna Mehrotra Gupta
28/5/2017

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पहले खुद में झाको

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Be an inspiration for others….

एक ही लक्ष्य थाम कर,
ज़िन्दगी में आगे बढ़ना।
दूसरों को बताना बाद में,
पहले तुम खुद ही,
अपने लक्ष्य की सीढ़ी चढ़ना।
बिना खुद कुछ पाये जो,
दूसरो को राह दिखता हैं।
अपनी मंज़िल के रास्ते का काटा,
वो खुद ही बन जाता हैं।
अपने सफर में, सबको अपनी उगली थामे,
आगे बढ़ते जाना हैं।
खुदकी मंज़िल पाके,
हमें दूसरों के जीवन में भी ,
उम्मीद का दिया जलाना हैं।
लेकिन सबसे पहले तुम्हें,
अपना हौसला जगाना हैं.
जिसे देखने को बेचैन ,
बैठा ये सारा ज़माना हैं।

Prerna Mehrotra Gupta
22/5/2017

तुम भी कर सकते हो

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भावनाओं की बारिश,
दूसरे पर गिर कर भी,
हमें भिगों देती है।
शांति से सिखाकर पहले ,आने वाले कल में,
परीक्षा वो लेती हैं।
आज किसी पे बीती,
कल तुम पर भी बीत सकती हैं।
अपनी चीज़ो को भूल,
दूसरों की चीज़े ही क्यों सबको अच्छी लगती हैं??
इस दुनियाँ में हर कोई,अपनी मेहनत का, ही तो खाता हैं।
हर एक चीज़ जोड़ने में, हर एक का पूरा जीवन लग जाता है।
किसने रोका तुम्हें मेहनत करने से…
तुम्हे ही फुरसत नहीं, दूसरों के नोट गिनने से।
किसी और के नोट गिनने से,
तुम्हारा बटुआ तो भर नही जायेगा।
रहेगा अपने काम में जो मगन,
सुख की रोटी, बस वही जीवन में खायेगा।

 

Prerna Mehrotra Gupta
20/5/2017

सहारा बनु अब उनका

 

SHYAM MAHROTRA JI [ RING CEREMONY ] 10.3सहारा बनू मैं उनका,
जिनका सहारा मैंने कभी पाया था.
अपने बालपन के दरमियाँ,
कितना मैंने,उन्हें सताया था.
उछल कूद कर,
अपनी धुन में, भाग कही मैं जाती थी.
पकड़ी जा हमेशा,
फिर डाट भी मैं ही खाती थी.
उस डाट की समझ,
तब मुझे कहाँ आती थी.
भूल इस दुनियां को,
हर रोज़ मैं वही गलतियां दोहराती थी.
मुझे डाट उनका भी मन भर आता था,
मुझे समझा कर बहुत,
उनका हौसला भी थक जाता था.
फिर ज़िन्दगी की मुश्किलों ने,
मुझे, वो हर एक बात समझाई.
जो उनके संग रहकर भी मैं,समझ ना पाई.
एक नहीं, दो मात पिता का,
मेरे जीवन में सुख आया है.
मुझ ना-समझ को समझा कर,
उन्होंने आजीवन बस पुण्य ही कमाया है.
अब बनके उनकी लाठी,
मैं उन संग चलती जाउंगी.
इस बढ़ती उम्र की चढ़ाई में,
मैं उनकी ढाल बन जाउंगी.
जीवन की गहराइयो का सबक,
मैं उनसे सीखती जाउंगी.
ठोकरों की इस धूल में भी,
मैं उन्हें हस के दिखलाऊँगी.
अफ़सोस कर अंत में,
मैं कुछ और भी कहना चाहती हूँ.
दुखाया है कई बार उनका दिल,
उन यादो को याद कर,
मैं अक्सर अश्क बहाती हूँ.
कहती नहीं बस इस मुख से,
मैं दिल से सबको बे इन्तहा चाहती हूँ.

 

Prerna Mehrotra Gupta
8/5/2017

कोई नहीं किसीका

Master your mind rather your mind master you…..

ना है कोई मेरा अपना,
ना ही है, कोई पराया।
जीवन की इस नइया को,
चलानेका भरता, हर कोई अपना किराया।
ये नइया सब अकेले ही तो चलाते है।
जाने की तैयारी ही तो करते हैं सब,
बस कुछ पल यहाँ अपनों संग बिताते है।
इस अवारा मन को,
ये बात असानी से समझ कहाँ आती है।
करके खुदको इस मन के भरोसे,
हर जीव के जीवन में,
कई मुसीबतें आती हैं।
अब कैसे लगाये लगाम इस मन में??
बस्ती है जीव आत्मा भी इस तन में,
रोज़ बात कर उनसे, अपने कर्मो को सजाले।
हर रोज़ कर कुछ अनोखा,
फिर अंत में मौत को भी ख़ुशी से गले लगाले।

 

Prerna Mehrotra Gupta
3/5/2017

नकारात्मक विचारो से दूर

कभी -कभी चाह कर भी,
मन चाह ,नहीं मिलता।
डालो चाहे हज़ारो तरह की खाद,
वक़्त से पहले तो एक फूल भी नहीं खिलता।
सघर्षो के हल को, जीवन के खेत पर चलाओ,
नकारात्मक विचारो से दूर,
अपनी एक नई दुनियाँ बसाओ।
जब वही दुनियाँ अच्छे कर्मो से भर जायेगी।
तेरे इतिहास को भूल,
ये दुनियाँ तेरे ही गुण गायेगी।
बस उसके बनते,
खुद को संभाल के रखना।
आलस के स्वाद को,
उस दरमियान बस तू ना चखना।

 

Prerna Mehrotra
20/4/2017

शब्द

 

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कहने से ज़्यादा
जो करने में
यकीन रखते हैं
ज़िन्दगी के स्वादिष्ट
भोजन को सही माईनो
में वहीं चखते हैं।

अपने संग में जो चलते हैं
तूफानों के ज़ोर पर भी
वो ना हिलते हैं।

अपनी उमीदों से जो बड़ कर करें
मुसीबतें भी उसके साए से डरे।

Prerna Mehrotra
16/11/2014