ख्यालों की दुनियाँ

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As you think so you become so be positive always.

ख्याल क्या हकीकत बन कर,
हमारे सामने आते है?
क्यों ख्यालों की दुनियाँ में,
हम अक्सर चोट खाते है??
ख्यालों की दुनियाँ में,
ये कैसी लड़ाई हमारे अंदर ही कही चलती है।
कुछ पाने की आरज़ू की लॉ,
हमारे अंदर ही कही जलती है।
ये हकीकत है, या बस किताबों में लिखी बातें है।
इस सच की खोज में,
काटी हमने न जाने कितनी रातें हैं।
अभी तक के ख्याल तो मेरे सामने,
वही रूप लेके आये है।
फिर क्यों हम खुद को अभी तक समझ नहीं पाये है।
मेरे हर ख्याल को बस वही रूप लेने की देरी हैं।
जीवन के आने वाले हर पड़ाव में,
लिखी, “जीत “सिर्फ मेरी हैं।
ये ख्याल बहुतो को राह दिखायेंगे,
आने वाले इतिहास के पन्नो में,
शायद हम भी जग मगायेंगे।

 

Prerna Mehrotra Gupta
22/6/2017

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बीता कल, आज और आने वाला कल

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The Past has gone, future is always uncertain- try to give best in present.
अगले पल का पता नही,
और कलकी चिंता करते हो।
अपने आज को बदलते नहीं,
बीते कल की निंदा करते हो.
बस आज को देखो ,
तो सब कुछ बदल जायेगा।
जो कल तक था फ़कीर,
वो कल राजा भी बन जायेगा।

Prerna Mehrotra Gupta
26/5/2017

ना केवल नारी अच्छी, ना ही केवल नर अच्छा।

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Neither boys nor girls are good it is a person who struggle most in life will enjoy most benefit in life.

ना केवल नारी अच्छी,
ना ही केवल नर अच्छा।
रखे जो खुद पर नियंत्रण,
केवल वही मानव है सच्चा।
जो अपने को ठीक करने में,
दुनियाँ को भूल जाता हैं।
अपनी ही नहीं,
वो दूसरों की भी,
जीत का कारण बन जाता हैं।
एक दिन में,ऐसा बदलाव,
मानव के जीवन में आता नहीं।
रोज़ सवारे जो खुदको,
वो जीवन की ठोकरें, इतनी खाता नहीं।
आज मैं जो भी हूँ,
कल उससे बेहतर होजाऊँगी।
अपनी इसी सोच के कारण,
एक दिन मैं भी बहुत कुछ हासिल कर जाऊँगी।
उसकी नीव रखनी होगी आज से,
फल मिलता हमेशा, मेहनत के काम, काज से।
असफल हुये, तो कभी बैठ ना जाना।
भले मिले चाहे कितने भी गम,
हताश होकर भी, बस अपनी मेहनत की खाना।

 
Prerna Mehrotra Gupta
28/4/2017