क्यों ज़रूरी है अच्छाई को अपनाना ??

  1. unnamed

Truth always win, try to practice what you preach.One day or the other everybody will die so why cant we create value in society till the time we here.

मरता तो हर हाल में है इंसान,
तो सही दिशा में बढ़ना क्यों ज़रूरी है।
हर इंसान के अंदर ही छुपी,
ये कैसी उसकी मज़बूरी है ??
क्योंकि शरीर और  वजूद दोनों ही मिट जायेगा।
तेरे करे कर्मो का साया ही तो,
बस यहाँ रह जायेगा।
अपनी मृत्यु से,
न तो ज्ञानी और न ही अज्ञानी बच पायेगा।
अच्छा आहार और अच्छी सोच से,
अपने जीवन को अच्छा बनाओ
गलत विचारों के रहते,
खुदके जीवन से बड़ी-बड़ी उम्मीद न लगाओ।
जैसा बनना चाहते हो,
वैसे जीके दिखाना होगा।
अपनी कही बातो पर,
पहले तुम्हें भी चलके दिखाना होगा।
तुम्हारी सफलता के पीछे होगा,
सिर्फ और सिर्फ तुम्हारे कर्मो का हाथ।
वरना कौन मानेगा तुम्हारी कही कोई भी बात.

Prerna Mehrotra Gupta
21/6/2017

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खबर नहीं खुदकी

Info

Self control is the best medicine to cure every problem in our life.

खबर नहीं खुदकी,
पर दूसरों की खबर तुम रखते हो।
इधर की उधर करना क्या ज़रूरी है?
दूसरे की सुन,
उसको सही दिशा भी तो तुम दिखा सकते हो??

खबर नहीं खुदकी,
दूसरों की बातों को सुन,चिढ़ के बैठ जाते हो.
उसके प्रति बैर रखना क्या ज़रूरी है???
उस चिड़चिड़ाहट में तुम अपना ही कीमती वक़्त गवाते हो.

खबर नहीं खुदकी,
दूसरों से उम्मीद लगाते हो.
सबसे अपना काम निकलवाना क्या ज़रूरी हैं??
तुम अपनी क्षमता को क्यों नहीं जगाते हो.

खबर नहीं खुदकी,
ईश्वर को बाहर ढूंढने निकल जाते हो.
उनको ऐसे पाना क्या ज़रूरी है??
झांको खुद मे, खुदको कर नज़र अंदाज़,
जीवन की ठोकरें तुम खाते हो।
हम सब में बसे है ईश्वर,
ये बात तुम कैसे भूल जाते हो??

 

Prerna Mehrotra Gupta
20/6/2017

स्वास्थ

स्वास्थ वो नही,
जो एक दिन में बनता है।
खाके ज़्यादा पहले,
फिर खुद को ही नही जमता है।
ज़बरदस्ती खिला कर दूसरों को,
दिखाई ये कैसी ममता है???

वसायुक्त भोजन(Fatty Food) स्वाद भले ही देता हैं.
करके तुम्हे ही कमज़ोर,
वो तुम्हें आस्वस्थ कर देता हैं।
अपने लिए कसरत कोई करना नही चाहता।
क्यूंकि दूसरों पर कर हुकुम,
लोगो का काम चल जाता।

छोटे -छोटे ही बदलाव तुम्हे,
स्वस्थ बना सकते हैं।
अब खुद भी वो सब अपनाओ,
जो दूसरे पर आसान लगते हैं।

स्वस्थ रहने वाले लोग,
हमसे अलग नही.
अपनाके अच्छा दिन चरिया,
खुदको रखते है वो सही।

ज़बरदस्ती कर तुम्हे कोई,
तभी तो खिलायेगा।
देख स्वादिष्ठ आहार,
जब तुम्हारा ही मन ललचायेगा।
नियंतरण रख खुद पर,
और बढ़ चल आगे।
देख तुझे भी सोचेंगे लोग,
तू कैसे ओरो से अलग है लागे???

Prerna Mehrotra
18/4/2017