बीता कल, आज और आने वाला कल

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The Past has gone, future is always uncertain- try to give best in present.
अगले पल का पता नही,
और कलकी चिंता करते हो।
अपने आज को बदलते नहीं,
बीते कल की निंदा करते हो.
बस आज को देखो ,
तो सब कुछ बदल जायेगा।
जो कल तक था फ़कीर,
वो कल राजा भी बन जायेगा।

Prerna Mehrotra Gupta
26/5/2017

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ईमानदारी से खेलो

 

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There is no short cut of success.

इस लम्हें को इस लम्हें में,
तू खुल के जीले।
अगर करी हैं तूने ,ईमानदारी से मेहनत,
तो आने वाली जीत का जाम,
तू अभी से पीले।

तेरे कर्म का सच बस तू ही जनता हैं।
अच्छे रास्ते पर चलने वालो को,
ये जग भी मानता हैं।
अपने हित के लिए, किसी का बुरा ना करना।
महंगा पड़ता ,अपना वार ही वरना।

मेहनत से पनपे भोजन का,
स्वाद ही अलग होता हैं।
जो करता है इसमें मिलावट,
आजीवन वो सुख के लिए रोता हैं।

 

Prerna Mehrotra Gupta
26/5/2017

पहले खुद में झाको

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Be an inspiration for others….

एक ही लक्ष्य थाम कर,
ज़िन्दगी में आगे बढ़ना।
दूसरों को बताना बाद में,
पहले तुम खुद ही,
अपने लक्ष्य की सीढ़ी चढ़ना।
बिना खुद कुछ पाये जो,
दूसरो को राह दिखता हैं।
अपनी मंज़िल के रास्ते का काटा,
वो खुद ही बन जाता हैं।
अपने सफर में, सबको अपनी उगली थामे,
आगे बढ़ते जाना हैं।
खुदकी मंज़िल पाके,
हमें दूसरों के जीवन में भी ,
उम्मीद का दिया जलाना हैं।
लेकिन सबसे पहले तुम्हें,
अपना हौसला जगाना हैं.
जिसे देखने को बेचैन ,
बैठा ये सारा ज़माना हैं।

Prerna Mehrotra Gupta
22/5/2017

कॉलेज और कॉर्पोरेट

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practicle & theory both are important but try to give more priority to practicle part of your knowledge.

कॉलेज की पढ़ाई, ना जाने क्यों
कॉर्पोरेट में कम काम आती हैं ??
कुछ अनुभव कर, कुछ लोगो की देख,
ये कवयित्री इतना कुछ लिख पाती है।
तैरनेकी कला कॉलेज बस पड़ा देता है।
फैक समुंदर में,कॉर्पोरेट हमारी कड़ी परीक्षा लेता हैं।
पढ़ना और करना, ये दो अलग बातें हैं।
पढ़ाई में खोकर, जीवन की काटी हमने बहुत सी रातें हैं.
बचपन से उन्हीं बातों को, जो हम प्रैक्टिकल करके सीखते,
असलियत का सामना कर, कॉर्पोरेट की दुनियाँ में हम यू ना चीखते।
मेरी इन पंक्तियों की गहराई, जिस किसी को भी समझ में आयेगी।
उस  छात्र की किस्मत उसे बहुत आगे तक लेजायेगी ।

 

Prerna Mehrotra Gupta
21/5/2017

तुम भी कर सकते हो

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भावनाओं की बारिश,
दूसरे पर गिर कर भी,
हमें भिगों देती है।
शांति से सिखाकर पहले ,आने वाले कल में,
परीक्षा वो लेती हैं।
आज किसी पे बीती,
कल तुम पर भी बीत सकती हैं।
अपनी चीज़ो को भूल,
दूसरों की चीज़े ही क्यों सबको अच्छी लगती हैं??
इस दुनियाँ में हर कोई,अपनी मेहनत का, ही तो खाता हैं।
हर एक चीज़ जोड़ने में, हर एक का पूरा जीवन लग जाता है।
किसने रोका तुम्हें मेहनत करने से…
तुम्हे ही फुरसत नहीं, दूसरों के नोट गिनने से।
किसी और के नोट गिनने से,
तुम्हारा बटुआ तो भर नही जायेगा।
रहेगा अपने काम में जो मगन,
सुख की रोटी, बस वही जीवन में खायेगा।

 

Prerna Mehrotra Gupta
20/5/2017

अपने दम पर जीतो दुनियाँ

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अब तक के सपनों को,
कल हकीकत बन कर आना है।
किसी पर निर्भर रहते नहीं,
हमने खुदकी क्षमता को ही बस माना हैं।
जिस व्यक्ति ने इस बात की गहराई को पहचाना है।
अपने दम पर, उसी को बहुत कुछ कर जाना हैं।

 

Prerna Mehrotra Gupta
19/5/2017

दास्ताँ शहीद की……

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Image Source-http://news24online.com/jai-hind-help-martyrs-kins-via-websitegovt-salutes-akshays-idea-76/

कैसे ज़िन्दगी के सीने पे,रख कर,
तुम अपना सर,अपनी जान गवाते हो??
खुद की दुनियाँ को भूल,
क्यों आजीवन, दूसरों की दुनियाँ सजाते हो??
तुम्हरी पत्नी भी तो,
तुम्हारे इंतज़ार में रोती हैं।
अचानक तुम्हारे शव को देख,
वो अपनी सुध-बुध खो देती हैं।
तुम्हारा आशियाना तुम्हारे इंतज़ार में,
कई ख्वाब सजाता हैं।
तुम्हें सदा के लिए खोकर,
वो भी रुआँसा हो जाता हैं।
कैसे अपनी यादें छोड़,
तुम कही, इस दुनियाँ में खो जाते हो??
अपनो को देख यू रोता,
क्या तुम भी रो जाते हो??
हैं अगर ये सच,
तो आजाओ फिर एक बार सामने।
दुनियाँ की इस भीड़ में,
एक बार फिरसे हमारा हाथ थाम ने।
तुम्हारी यादो की छवि हम से,
अक्सर ये कह जाति है.
भूली नही मैं तुझे,
फिर क्यों इन यादों को सोच,
तू अक्सर अश्क बहाती हैं??
मिलकर बिछड़ना यही
तो ज़िन्दगी का नाम हैं।
मर मिटते है देश के खातिर,
ये सब तो हमारे लिए आम है।
मरके भी देखो यारो,
हमारे हाथो में जीत का जाम हैं।
यू दुखी होकर,
तुम खुदको कभी सताना नहीं।
बस यादों में खोकर,
हर पल यू प्यार जताना नहीं।
मिलेंगे फिर से हम कही इस जहान में।
ना होगी तुम्हें ज़रा भी देरी,मेरी पहचान में।
दुनिया की भीड़ में भी,
मैं तुम तक पहुँच जाऊँगा।
रहूँगा सदा तुम्हारे साथ,
अब तुम को ऐसे कभी ना रुलाऊँगा।

 
Prerna Mehrotra Gupta
29/4/2017