क्यों ज़रूरी है अच्छाई को अपनाना ??

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Truth always win, try to practice what you preach.One day or the other everybody will die so why cant we create value in society till the time we here.

मरता तो हर हाल में है इंसान,
तो सही दिशा में बढ़ना क्यों ज़रूरी है।
हर इंसान के अंदर ही छुपी,
ये कैसी उसकी मज़बूरी है ??
क्योंकि शरीर और  वजूद दोनों ही मिट जायेगा।
तेरे करे कर्मो का साया ही तो,
बस यहाँ रह जायेगा।
अपनी मृत्यु से,
न तो ज्ञानी और न ही अज्ञानी बच पायेगा।
अच्छा आहार और अच्छी सोच से,
अपने जीवन को अच्छा बनाओ
गलत विचारों के रहते,
खुदके जीवन से बड़ी-बड़ी उम्मीद न लगाओ।
जैसा बनना चाहते हो,
वैसे जीके दिखाना होगा।
अपनी कही बातो पर,
पहले तुम्हें भी चलके दिखाना होगा।
तुम्हारी सफलता के पीछे होगा,
सिर्फ और सिर्फ तुम्हारे कर्मो का हाथ।
वरना कौन मानेगा तुम्हारी कही कोई भी बात.

Prerna Mehrotra Gupta
21/6/2017

किसी को जब फर्क न पड़े

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If people are not understanding your situation then try to make them realize their mistake through your love & compassion but also try to maintain your self respect.

किसी को जब फर्क न पड़े,तुम्हारे रूठने से।
रिश्ता बिखर कर नहीं जुड़ता,एक बार उसके टूटने से।
तो क्यों न वक़्त -वक़्त पर, अपनी-अपनी बात रखी जाये।
क्यों न दोनों मिल कर, अपना रिश्ता सजाये।

किसी को जब फर्क न पड़े, तुम्हारे न होने से,
चैन मिलेगा क्या तुम्हें, अकेले में कही रोने से,
अगर मिले, तो ज़रूर कही चुप के से रो लेना।
अपनों से नाता तोड़, बस अपनों से रुख मोड़ न लेना।

किसी को जब फर्क न पड़े, तुम्हारे दुख से,
एहसास कराओ उसको अपनी पीड़ा,अपने सुख से,
तुम्हारा सुख ही उसको उसकी गलती का एहसास करायेगा।
तुम्हें मनाने एक दिन वो भी आयेगा।

 

Prerna Mehrotra Gupta
16/6/2017

अपनी मैं प्यारी सखी सहेली

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Thanks to myself for being a beautiful part of my life….

खुदसे कर दोस्ती,
मैंने ज़िन्दगी में सुकून कमाया है।
पैसे के ज़ोर पर नहीं, खरीदा,
खुद के संग बैठ, मैंने खुदको सजाया हैं।
मेरे जैसी दोस्त मुझे मिल नहीं पाती,
जो खुद की ना सुन, मैं दूसरे को देख जल जाती।
अपनी कला की कीमत, सिर्फ मैं ही जानती हूँ।
खुद पे है विश्वास, अपने जज़्बे को ही मानती हूँ।
अपनी मंज़िल की सड़क, मैंने खुदने हैं बनाई।
खोके कही खुदमे,मैंने अपनी क्षमता जगाई।

 

Prerna Mehrotra Gupta
15/5/2017

एक एहसास ही तो हैं

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बढ़ती उम्र का एहसास,
बीता कल ही कराता हैं।
ये एक एहसास ही तो हैं,
जो दिल को छू जाता हैं।
आज का दिन, तो बस,
आज ही गुज़र जायेगा।
आने वाला कल,
फिर आज की याद दिलायेगा।
पलटेंगे इतिहास के पन्ने(pages),
फिर यूही गुनगुनाके।
गर्व करेंगे हम भी,
फिर सबको अपनी कहानी सुनाके।

 

Prerna Mehrotra Gupta
25/4/2017

क्या सच में

A boss can also learn from employees. Learn this fact before its too late…..

क्या सच में कोई बॉस भी,
एम्प्लोयी से सीख सकता हैं।
क्यों बड़ो को हमेशा ही
ऐसा लगता हैं ??
देखी मैंने दुनियाँ तुम सबसे ज़्यादा,
इसी के रहते मैंने करा ये इरादा।
तुम सब को सिखाने का ,
करा है मैंने खुदसे वादा।
काम का बोझ, इसलिए ही तो, मैंने खुद पे इतना लादा।
इतना काम कर, अब थक, मैं जाता हूँ।
बैठू जो कभी, तुम सब के संग,
तो खुदको ही भूल जाता हूँ।
सब कुछ अब खुदसे करना लगता नहीं अच्छा,
मैंने भी माना, कुछ कामों में ,मै भी हूँ तुमसे कच्चा।
तुमसे अधिक कोई लगे ना मुझको सच्चा।
मेरी डाट खाकर भी, तुमने मुझे सिखाया।
मुझे टूटता देख, तुमने फिरसे उम्मीद का  दिया जलाया।
आँखों में भर आँसू, मैं तुम्हे प्यार से गले लगाना चाहता हूँ,
किसी और से नहीं अब बस मैं सिर्फ तुमसे ही सीखना चाहता हूँ।
बड़ा बन कर, मैंने घमंड का दीप, अपनी ही दिल में जलाया था।
बस खुद को बड़ा मान कर, मैंने तुम सबको भुलाया था।
ऐसी गलती अब फिर ना करूँगा दुबारा,
तुम्हें दूर कर, फिर कौन बनेगा मेरा सहारा ???

 

Prerna Mehrotra
24/4/2017

ज़रा सोचो

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जब पाकर सब कुछ खोना ही हैं ,तो हम यहाँ करने क्या आये हैं??
छोड़ के जाना है बहुत कुछ, जबकि लेकर यहाँ हम कुछ नहीं आये हैं।

जब मिलके यहाँ बिछड़ना ही हैं, तो क्यों हमने दूसरों से उम्मीद लगाई हैं ??
खुद पर होकर निर्भर,बहुत से वीरों ने दूसरों को भी राह दिखाई है।

जब सबके दिल में बसे है भगवान, तो क्यों दूसरों को सताये रे ??
जो देखे सबमे उसकी ऊर्जा वो उस तक ही पहुँच जाये रे।

 

Prerna Mehrotra
4/4/2016

आभास

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Source: http://www.onlinemeditation.org/wp-content/themes/sm/images/SR-en/Self-realization-1-en.jpg

जो दिल ने कहा
बस वही सुना।
सुनके अपने दिल की आवाज़
हर ख्वाब फिर मैंने बुना।
तो क्या हुआ ?
जिस राह में चली वो मुझे
पसंद ना आई।
बदल के अपनी राह मैं
कम से कम खुद को
समझ तो पाई।

Prerna Mehrotra
18/11/2014